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मरने वाले की जाति देखकर राजनैतिक गिद्ध आते हैं लाशों पर राजनीति करने

आजकल नेता रूपी राजनैतिक गिद्ध लाशों पर राजनीति करने आते हैं लेकिन मरने वाले कि जाति देखकर। और मीडिया के दल्ले भी कम नहीं हैं इस मामले में उनको भी राजनेताओं की तरह से ही जाति देखकर ही अपनी TRP चमकानी है सिर्फ़।

एक ही प्रकार के तमाम मामले बार बार हुए जा रहे हैं मगर इन नरपिचाश गिद्धों को सिर्फ़ वहीं Tour करना है जहाँ Vote Bank मज़बूत होता नज़र आता है।

देश को गर्त में पहुँचाने के लिए जितने ज़िम्मेदार ये नरपिचाश राजनैतिक मानवी गिद्ध हैं उतने ही ज़िम्मेदार मीडिया के TRP प्रेमी दल्ले भी हैं जो सिर्फ़ लाशों की जाति देखकर अपने कैमरे चालू करके देश को मानसिक दिवालिया बनाने पे उतारू हैं।

इसी यूपी की एक बेटी की हत्या 29-30 अगस्त की रात को अलीगढ़ के हरदासपुर में एक दलित युवक द्वारा कर दी गई। लेकिन आज तक इस बेटी के परिवार को किसी भी प्रकार की कोई भी मदद शासन द्वारा नहीं दी गई है। जबकि इसका परिवार अपने परिवार की मदद के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी अलीगढ़ तक अपना प्रार्थना पत्र दे चुका है।

क्या इस परिवार का सिर्फ इतना दोष है कि यह ब्राह्मण परिवार से है? या इस बेटी को मारने वाला दलित समाज से है?

आज तक इस परिवार से मिलने कोई अधिकारी तो दूर एक चपरासी तक नहीं आया। क्या यह किसी के कलेजे का टुकड़ा नहीं थी? क्या ब्राह्मण की बेटी में या दलित की बेटी में अंतर होता है? क्या इस मृत आत्मा को भी न्याय व इसके परिवार को भी कोई मदद मिल सकती है?

क्या ये राजनैतिक गिद्ध केवल कठुआ और हाथरस जाएँगे, बलरामपुर और अलीगढ़ से मुँह चुराएँगे?

शर्म आनी चाहिए इन राजनैतिक गिद्धों को...सत्ता के लोभ में ये इतने अंधे हो चुके हैं कि इन्हें कुछ और सूझ ही नहीं रहा। घिन्न सी आने लगी है अब तो इस देश की राजनीति से। 

'स्वच्छ भारत अभियान' चलाने से ज्यादा जरूरी है राजनीति की गंदगी को साफ करने का अभियान चलाना। यदि ऐसा नहीं किया गया तो राजनीति की ये गन्दगी इस देश को ले डूबेगी। 

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