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देश में कितने घुसपैठिए? हैरान कर देने वाले आंकड़े

क्या आप जानते हैं कि भारत के बॉर्डर एरिया का पूरी तरह इस्लामीकरण हो चुका है? देश के बॉर्डर एरिया में बढ़ती मुस्लिम आबादी के आंकड़े आपको हैरान कर देंगे।

आगे दिए गए आंकड़ों पर गौर करें तो देश के सीमावर्ती इलाकों में तेजी से बढ़ती मुस्लिम आबादी किसी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।

इन आंकड़ों पर गौर करें तो यूपी बॉर्डर के 116 गांवों में 50% मुस्लिम बढ़ चुके हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि यूपी के 7 जिलों की मुस्लिम आबादी 32% तक बढ़ चुकी है। वहीं 303 गांवों की मुस्लिम आबादी में 35 से 50% तक का भारी उछाल आया है।

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एक रिपोर्ट के अनुसार बंगाल के 14,
झारखंड के 3, बिहार के 6 तथा यूपी के 16 जिलों की डेमोग्राफी पूरी तरह बदल चुकी है।

आश्चर्य की बात यह है की भाजपा के गढ़ गुजरात के कच्छ और भरूच की डेमोग्राफी भी बदल चुकी है। उससे भी हैरानी की बात यह है की हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थल द्वारका धाम तक की डेमोग्राफी भी बदल चुकी है।

उत्तराखंड की बात करें तो यहां उत्तरकाशी के बॉर्डर वाला एरिया पूरी तरह मुस्लिम घुसपैठियों से भर चुका है।

अब सवाल ये है की आखिर ये घुसपैठ कैसे हो रही है?

इसका जवाब है की जब खेत में बाड़ नहीं रहेगी तो खेत में आवारा जानवर तो घुसेंगे ही। घर का दरवाजा खुला छोड़ दोगे तो आवारा कुत्ते तो घर में आयेंगे ही।

जिस देश का बॉर्डर एरिया सख्त नहीं होगा, ठीक से पहरेदारी नहीं होगी, उस देश में घुसपैठिए तो आयेंगे ही।

आपको जानकर आचार्य होगा की आसाम और बंगाल से टूरिस्ट बनकर लोग बसों में बैठते हैं और वो बसें भरकर जाती हैं यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, झारखंड, अजमेर आदि जगहों पर लेकिन लौटती हैं बिल्कुल खाली।

एक रिपोर्ट के अनुसार 2017 में ही भारत में करीब 5 करोड़ घुसपैठिए आ चुके थे।

ऊपर दिए गए इन आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या किसी बड़ी साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से घुसपैठियों को भारत के अंदर घुसाया जा रहा है? 

क्या भारत के राजनैतिक दल वोट की राजनीति के लालच में देश को एक बड़े खतरे की ओर धकेल रहे हैं?

दोस्तों, जिस देश की बढ़ती जनसंख्या देश के करोड़ों नागरिकों को बेरोजगारी और भुखमरी की गहरी खाई में धकेलती जा रही हो वहां बाहरी घुसपैठियों की बेतहाशा बढ़ती आबादी देश के भविष्य और अर्थ व्यवस्था के लिए बहुत बड़ी चुनौती और खतरा साबित हो सकती है।

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