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शाहीन बाग़ - क्या, क्यों और कैसे?

कोई भी पढ़ा लिखा इंसान शाहीन बाग़ के विरोध प्रदर्शन को सिर्फ और सिर्फ गन्दी राजनीति ही बताएगा, क्योंकि CAA में सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यक हिन्दू, ईसाई और सिखों को नागरिकता देने की बात है , इसमें देश के मुस्लिम की कोई बात नहीं है और न इससे कोई लेना देना है , फिर भी मोदी विरोध के नाम पर झूठा आंदोलन शाहीन बाग़ में सड़क बंद करके जारी है और लाखों दिल्ली वासी शाहीन बाग़ की सड़क बंद करने से परेशान हैं |

कांग्रेस और केजरीवाल की गन्दी राजनीति का नतीजा है शाहीन बाग़ का प्रदर्शन और यही लोग शाहीन बाग़ वाला प्रदर्शन करवा रहे हैं | विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों को डेली 5 लाख रूपये आम आदमी पार्टी और इतने ही कांग्रेस वालों की तरफ से कैश पहुंचाया जा रहा है |

इस रोज के दस से 15 लाख कैश का आधा पैसा तो मुल्ला मौलवी खा रहे हैं और बांकी में कैटरिंग वाले प्रदर्शनकारी मुस्लिम औरतों के खाना खिलाने का ले रहे हैं ,और प्रदर्शनकारियो के घर सिर्फ 400 से 500 रूपये दैनिक मजदूरी के तौर पर प्रदर्शन में बैठने के लिए कैश पहुँचाया जा रहा है |

प्रश्न यह भी है की केजरीवाल जैसा आदमी जो छोटी सी क्राइम की वारदात में एक मुस्लिम के मारे जाने से दादरी जा सकता है, हैदराबाद जा सकता है और महीनो इसी मुद्दे को लेकर लगातार मोदी को गाली दे सकता है। फिर वह हजारों की संख्या में मुस्लिमो द्वारा शाहीन बाग़ में सरकार के विरुद्ध नौटंकी में क्यों नहीं जा रहा है ?

केजरीवाल ने शाहीनबाग वालों से चुनाव तक न जाने की बात की है और इसके बाद तो वह यदि चुनाव जीत जाते है तो खुद आकर शाहीनबाग में धरना दे देंगे |

केजरीवाल खुद शाहीन बाग़ इसलिए जाने से बच रहे थे क्योंकि उन्हें उम्मीद थी की इस बार मोदी समर्थकों का 15 से 20% वोट उन्हें झूठे कामो के प्रचार की वजह से मिल जायेगा और यदि वह इस धरने पर गए तो मोदी समर्थक वोट नहीं देंगे |

लेकिन काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती, सभी को पता है की यह केजरवीएल सिर्फ दिल्ली चुनाव तक चुप बैठा है और चुनाव में जीतते ही मोदी मोदी रटना शुरू हो जायेगा और रोज की झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस और गाली देना फिर शुरू करेगा |

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