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क्या इजराइल और हमास की घटनाएं हमारे लिए बड़ा सबक हैं?

अगर आप जागरूक हैं और अपनी निजी व्यस्तताओं से आगे भी सोच सकते हैं, तब विचार करेंगे तो पाएंगे कि इजराइल (Israel) और हमास (Hamas) की ताजा घटना से कुछ सबक मिले हैं-

सबक नंबर 1

उनकी दुश्मनी इजराइली महिलाओं, बच्चियों से नही थी, अगर होती तो वे सिर्फ उन्हे गोली मार देते लेकिन उनका बलात्कार करना, उन्हे नंगा कर परेड कराना, उनके शवों को भी क्षत विक्षत करना, उनके शवों तक से बलात्कार करना, जाने कौन सा धर्म और कौन सी किताब उन्हें ऐसा करना सिखाती है?

जानने का प्रयास जरूर करें, वरना अगला नंबर आपका भी हो सकता है.

सबक नंबर 2

इजराइल (Israel) में महिलाओं और छोटी छोटी बच्चियों के साथ जो दरिंदगी हुई, उसमे हमास (Hamas) के मुस्लिम आतंकवादी ही नही, बल्कि वहां की आम जनता और यहां तक कि महिलाएं तक शामिल थी. ये सोच आपके आस पास भी पनप रही हो सकती है.

ये जानने का तरीका आपको मैं बता देता हूं.
अपने आसपास वालो से फिलिस्तीन (Palestine) में हुई घटनाओं का जिक्र कीजिए, उनकी हमदर्दी किसके साथ है ये जानकर आप अपना भविष्य भी आसानी से जान सकते हैं.

सबक नंबर 3

इजराइल (Israel) में तो एक गाजा (Gaza) पट्टी है, भारत में तो हजारों बन चुकी हैं और आप भी उनकी जद में आते हैं.

सबक नंबर 4

आज हमने जाना कि मध्य काल में हमारे देश भारत में हिंदुओ ने क्या क्या झेला था. यही सब कुछ मध्यकाल में महमूद गजनवी, मोहम्मद बिन कासिम, अलाउद्दीन खिलजी, औरंगजेब और कथित महान अकबर इन सबने हिंदुओ के साथ वही किया था जो आज इजराइल (Israel) में मुस्लिम आतंकियों ने किया. वो अलग बात है कि इन 70 सालो में आपकी मेमोरी पूरी तरह से फॉर्मेट कर दी गई है.

सबक नंबर 5

इन घटनाओं से पता चल रहा है कि हिंदू महिलाएं जोहर क्यों कर लेती थी और चूंकि महिलाओं के शवो के साथ भी बलात्कार करने में इन्हें कोई संकोच नहीं होता इसीलिए हिंदू महिलाएं जोहर करती थी ताकि उनका शव भी इन दरिंदों के हाथ ना लगे.

सबक नंबर 6

हम सबको अपने-अपने बुजुर्गों का धन्यवाद देना चाहिए जिन्होंने सैकड़ों सालों तक ऐसी दरिंदगी देखने, झेलने के बावजूद भी अपने धर्म को बचाए रखा.

और जिन लोगों की दादियों परदादियों ने तलवार देख सलवार खोल दिए उन्हें Save Gaza मुबारक.

सबक नंबर 7

सेकुलरिज्म (Secularism) एक धीमा जहर है. दरअसल इजराइल (Israel) ने अरब-इजरायल युद्ध के बाद कभी बड़ी जंग नहीं देखी थी. इन 50 सालों में इजरायल (Israel) में एक नई पीढ़ी आ गई जो पूरी तरह से सेकुलरिज्म (Secularism) के नशे में चूर हो गई थी.

यह ठीक वैसा ही है जैसे आपके बच्चे नही जानते कि 2-3 घंटे बिजली-पानी के बिना कैसे सरवाइव करना है. जैसे अगर कुछ साल और भाजपा सत्ता में रहे तब जो नई पीढ़ी आएगी वह ये भूल जाएगी कि आज़ादी के बाद की सरकारों ने देश में कैसे सेक्युलरिज्म का जहर बोया.

अच्छी बात ये है कि अब इजरायल (Israel) की नई पीढ़ी ने वह सब कुछ देख लिया जो उनके पूर्वजों ने भी कभी नहीं देखा होगा.

सबक नंबर 8

सिर्फ चेहरे बदले हैं, देश बदला है, मुस्लिम आतंकवादी संगठन का नाम बदला है, बाकी पाशविकता पूर्ण कृत्य वही हैं जो तेरह चौदह सौ वर्ष पहले से चले आ रहे हैं, कुछ नही बदला.

सबक नंबर 9

अगर देश की सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा रहा है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है.

आइए समझते हैं कि पूरी प्लानिंग कैसे हुई?

बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) सरकार ने कुछ साल पहले न्यायिक सुधार बिल लागू किया, शुरू में इक्का दुक्का लोगों ने उसका विरोध किया. मौके का फायदा उठाकर तुरंत ही वहां के वामपंथी विचारधारा के लोगों ने जनता को भड़काकर धरने प्रदर्शन करवाए और पूरे इजराइल (Israel) में लंबे समय तक हड़ताल और सड़कें बंद कराई गई. ताकि इजराइल सरकार का पूरा ध्यान इन धरना प्रदर्शनों और हड़ताल पर ही रहे.

उसके बाद मौका देख मुस्लिम आतंकवादी समुद्र के रास्ते इजराइल (Israel) में घुसे और ये तबाही मचाई.

जरा सोचिए, विश्व की सर्वश्रेष्ठ गुप्तचर एजेंसी मोसाद (Mossad) को भी इसकी भनक नहीं लग पाई क्योंकि सरकार और मोसाद का पूरा ध्यान इजराइल में चल रहे धरना प्रदर्शन, हड़ताल, अराजकता आदि पर था.

सबक नंबर 10

याद रखना आज जो इज़राइल (Israel) में हुआ है वैसा ही कुछ हमारे देश में भी हो सकता है. यदि यकीन न हो रहा हो तो बता दें कि पूर्व में ऐसा कई बार हो भी चुका है. 

जैसे जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन डे के ऐलान पर हुआ था. कश्मीर में हुआ, फ्रांस में हुआ और न जाने कितने देशों में हो चुका है.

सबक नंबर 11

इन जेहादी मानसिकता की कबीलाई सेनाओं का मुख्य हथियार यही है, महिलाओं, बच्चियों का बलात्कार. जबकि दुनिया के किसी अन्य धर्म में ऐसा नहीं है, युद्ध के भी नियम होते हैं.

ये हमास तथा इजरायल (Hamas & Israel) के मध्य छिड़ी जंग नही है, यही जिहाद है, तरीके भी वही 1400 वर्ष पुराने ही अपनाए जा रहे है.

सबक नंबर 12

इजरायल (Iarael) द्वारा युद्ध की घोषणा करने के बाद से ही भारत में भी एक समुदाय विशेष ने 'Save Gaza, India with Palestine, जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए हैं. बस आपको अपने आस-पास रहने वाली उसी सोच को पहचानना है, और सतर्क रहना है.

सबक नंबर 13

इस घटना के बाद इजराइल (Israel) में सत्ता और विपक्ष दोनो साथ खड़े हैं, और अपने यहां के नेताओ की सोच पहचानने के यही मौके होते हैं.

अपना कमाना अपना खाना है, लेकिन हमारे आपके परिवार के बाहर भी एक दुनिया है जो आज नहीं तो कल आपके अस्तित्व पर, आपके बच्चो के अस्तित्व पर असर जरूर डालेगी. उसके बारे में भी सोचकर चलना जरूरी है, केवल पैसा ही सब कुछ नही होता.

अपनी उस सोच को बदलिए जिसकी वजह से हम भारतीय सैकड़ों वर्षों तक गुलाम रहे.

जय हिंद!!
वंदे मातरम्!!

©SanjayRajput.com

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